चाहे आप ग्रे ढकना चाहते हैं या नया लुक लेना चाहते हैं — बाल रंग तुरंत असर दिखाता है। पर क्या आपने कभी सोचा कि सही रंग और तरीका ही बालों की सेहत बनाए रखते हैं? यहां सीधे और काम के उपाय दिए हैं जो आप आज ही अपनाकर बेहतर रिजल्ट पा सकते हैं।
पहला कदम: अपनी स्किन टोन और जीवनशैली के हिसाब से रंग चुनें। गर्म स्किन टोन पर गोल्डन ब्राउन, कैरमल और केसरिया शेड ठीक रहते हैं; ठंडी टोन पर ऐश ब्राउन, अंजीर किस्म के ग्रे-ब्लू शेड अच्छे दिखते हैं। ध्यान रखें—काले बालों पर हल्का रंग निकालने के लिए पहले ब्लीच चाहिए, जो नुकसान बढ़ा सकता है।
ग्रे कवर करना है तो परमानेंट या डाइरेक्ट कलर चुनें। अगर अक्सर रंग बदलते हैं तो सेमी-परमानेंट या टोनर बेहतर है क्योंकि ये धीरे-धीरे फीके होते हैं और कम डैमेज करते हैं।
घर पर करने से पहले पैच टेस्ट करें: कलाई के पीछे थोड़ी दवा लगाकर 48 घंटे देखें कि एलर्जी तो नहीं।
स्टेप-बाय-स्टेप:
अगर बाल बहुत डैमेज हैं तो पहले कंडीशनिंग ट्रीटमेंट करें। ब्लीच खासकर कमजोर बालों के लिए खतरनाक हो सकता है — जरूरी हो तो प्रोफेशनल की मदद लें।
रख-रखाव के टिप्स जो असर दिखाते हैं:
प्राकृतिक विकल्प: हिना, कॉफी, कैमोमाइल — ये हल्के शेड देते हैं और कम केमिकल नुकसान करते हैं। पर ध्यान रखें कि प्राकृतिक भी हर केस में अपेक्षित रंग नहीं देंगी और टेस्ट जरूरी है।
कब सलून बेहतर है? अगर आप बहुत बड़ा शेड बदल रहे हैं, ब्लीच की जरूरत है या शादी-जैसे किसी बड़े इवेंट के लिए परफेक्ट फिनिश चाहिए तो प्रोफेशनल ही बेहतर। वे सही टोन, ब्लेंडिंग और केयर प्लान बताएंगे।
अंत में, बाल रंग का मतलब सिर्फ स्टाइल नहीं—देखभाल और सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। सही उत्पाद चुनें, पैच टेस्ट न भूलें और ज़रूरत लगे तो प्रो की मदद लें। क्या आप अगले रंग के लिए तैयार हैं? अपने बालों की वर्तमान हालत बताइए, मैं सुझाव दूँगा कि कौन-सा शेड और तरीका आपके लिए सही रहेगा।
भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पांड्या ने एक दिलचस्प बचपन की आदत का खुलासा किया जिसमें वह अपनी माँ से बालों के रंग को लेकर झूठ बोलते थे। 11 वर्ष की उम्र में, पांड्या अपने बालों के असली रंगों के बारे में अपनी माँ को गुमराह करते थे क्योंकि उनकी माँ को उनके ये एक्सपेरिमेंटल स्टाइल पसंद नहीं थे। यह आत्म-अभिव्यक्ति उनके खेल व्यक्तित्व का एक अहम हिस्सा बन गई।