ओडिशा में मैन्युफैक्चरिंग तेजी से बदल रहा है। कच्चा माल, बड़े बंदरगाह और नए औद्योगिक क्लस्टर ने राज्य को निवेश के लिए आकर्षक बना दिया है। अगर आप इंडस्ट्री, रोजगार या व्यवसाय के नजरिए से देख रहे हैं तो यहां के मौके समझना जरूरी है।
सबसे बड़ा प्लस है प्राकृतिक संसाधन — लौह अयस्क, बॉक्साइट और कोयला सीधे फैक्ट्रियों तक उपलब्ध होते हैं। Paradip और Dhamra जैसे बंदरगाह निर्यात और कच्चे माल के लिए मददगार हैं। बिजली और बड़ी एमएसएमई क्लस्टर जैसे Kalinganagar, Angul और Jharsuguda ने बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया है।
राज्य सरकार ने निवेश आकर्षित करने के लिए सिंगल-विंडो क्लियरेंस, भूमि बैंक और कर प्रोत्साहन जैसी सुविधाएँ दी हैं। इसका फायदा यह है कि प्रोजेक्ट्स जल्दी शिफ्ट और शुरू हो जाते हैं।
स्टील और एल्युमिनियम परंपरागत रूप से मजबूत रहे हैं — बड़े प्लांट और कंपनियाँ जैसे Tata Steel, NALCO और Vedanta की उपस्थिति ने ये सेक्टर मजबूत किए हैं। इसके अलावा पावर, पेंट्रोकेमिकल, मशीनिंग, ऑटो पार्ट्स और अब इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सप्लाई चेन में बड़े अवसर दिख रहे हैं।
फूड प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल क्लस्टर भी स्थानीय कृषि और कच्चे माल का फायदा उठा रहे हैं। छोटे-मझोले उद्योग (MSMEs) के लिए भी सप्लाई और कस्टमाइज़्ड पार्ट्स बनाने के मौके बढ़ रहे हैं।
स्किल्ड वर्कफोर्स पर फोकस बढ़ा है — प्रशिक्षण केंद्र, आईटीआई और निजी ट्रेनिंग प्रोग्राम से स्थानीय युवाओं को तकनीकी ट्रेनिंग मिल रही है। इससे फर्म्स को स्थानीय कर्मचारी मिलते हैं और लागत नियंत्रित रहती है।
बढ़ते अवसरों के साथ चुनौतियाँ भी हैं। जमीन अधिग्रहण, पर्यावरण मंज़ूरी, और इन्फ्रास्ट्रक्चर की कुछ कमी अभी भी रुकावट बनती है। लॉजिस्टिक्स के अंतिम हिस्से में सड़क और रेल कनेक्टिविटी में सुधार की आवश्यकता है।
अगर आप निवेश करने जा रहे हैं तो दो चीज़ें पहले देखें: कच्चे माल की उपलब्धता और लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी। फिर राज्य की पॉलिसी, पर्यावरण नियम और स्थानीय श्रम बाजार समझ लें। छोटे प्रोजेक्ट्स के लिए क्लस्टर मॉडल अपनाना सुरक्षित विकल्प होता है।
नए इनोवेशन और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे ग्रीन हाइड्रोजन और रिन्यूएबल पावर से जुड़े प्रोजेक्ट्स यहाँ जल्दी बढ़ रहे हैं। ये न सिर्फ निवेशकों को फायदा देंगे बल्कि स्थानीय रोजगार भी बढ़ाएंगे।
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भारत के सौर ऊर्जा क्षेत्र में प्रमुख भूमिका निभाने वाली वारे एनर्जीज़ 21 अक्टूबर से आईपीओ लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसका समापन 23 अक्टूबर को होगा। ताज़ी शेयर बिक्री से ₹3,600 करोड़ और 48 लाख शेयरों की बिक्री के माध्य से पूंजी जुटाई जाएगी। कंपनी ओडिशा में 6GW उत्पादन क्षमता स्थापित करने की योजना बना रही है।