फिल्म शूटिंग सिर्फ कैमरा लगाना नहीं है। सेट पर छोटी‑छोटी गलतियाँ भी दिन भर का काम रोक सकती हैं। 'छावा' और 'देवा' जैसी फिल्मों की सफलता बताती है कि अच्छी प्लानिंग और सही टीम कैसे परिणाम बदल देती है। यहाँ सीधे, उपयोगी और तुरंत लागू करने योग्य सुझाव मिलेंगे जो शूटिंग को सुचारू बनाते हैं।
सबसे पहले लोकेशन फाइनल करें और संबंधित विभागों से परमिट लें। लोकल पुलिस, नगर निगम और प्रॉपर्टी ओनर की लिखित सहमति जरूरी है। स्टंट या बड़े क्राउड सीन के लिए अतिरिक्त सुरक्षा और बीमा लेना मत भूलें। एक साफ़ शेड्यूल (call sheet) बनाएं — किसे कब चाहिए, कौन‑सा धोखा‑सीन है, कितनी दूरी पर पार्किंग और कैटरिंग। इससे टाइम बर्बाद नहीं होता।
क्या आपने स्थान की बिजली, पानी और शौचालय की व्यवस्था चेक की? जनरेटर, लम्बे केबल और ग्राउंडिंग की प्लानिंग पहले करें। रात की शूटिंग है तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट और आवागमन के बारे में टीम को पहले सूचित करें।
किस्मेट्रिक्स और लेंस का चुनाव कहानी के मूड पर निर्भर करता है — पोर्ट्रेट के लिए फास्ट लेंस, लैंडस्केप के लिए वाइड। स्टेबिलाइज़र, स्लाइडर या गिम्बल से शॉट्स स्मूद होते हैं। साउंड रिकॉर्डिंग पर कटौती मत करें; क्लीन ऑडियो एडिट में बड़ा वक्त बचाता है। बूम, लैव और रिकॉर्डर का बैकअप रखें।
लाइटिंग में नैचुरल और आर्टिफिशियल को पहले टेस्ट करें। कलर‑टेम्परेचर और फ्लिकर‑फ्री लाइटिंग रेकॉर्डिंग के दौरान प्रमुख होते हैं। बैकअप बैटरी, स्पेयर कार्ड और एक बड़ा स्टोरेज‑हब रखें — हर शॉट का डुप्लीकेट रखें ताकि डाटा खोने का जोखिम नहीं रहे।
कंटिन्यूटी का पैनल बनाएं — कपड़े, कॉम्ब, मेक‑अप नोट्स और रिफरेंस शॉट्स। छोटे बदलाव भी अगले शॉट में दिख जाते हैं, इसलिए continuity assistant महत्वपूर्ण होता है।
क्राउड सीन में लोकल वर्कर्स और एक्स्ट्राज़ के पेमेंट और राइट्स पहले क्लियर कर लें। अगर किसी स्थानीय जगह पर शूट कर रहे हैं तो समुदाय से पहले बातचीत करें; इससे सहयोग मिलता है और विरोध कम होता है।
बजट‑टिप: लोकेशन पर जितना काम एक बार में निपटा सकें, करें। दिन के भीतर जितने शॉट्स संभव हों पूरा कर लें। मौसम बदलने पर बैक‑अप शेड्यूल हों। छोटे‑छोटे रेट‑कार्ड और स्पेयर एग्रीमेंट लिख कर रखें ताकि बाद में विवाद न हो।
शूट खत्म होने के बाद — डेली बैकअप लें, लॉगशीट अपडेट करें और रफ कट के लिए क्लिप्स सही तरीके से टैग करें। लॉकेशन छोड़ते वक्त साफ‑सफाई और किसी भी नुकसान की मरम्मत सुनिश्चित करें, ताकि अगली बार अनुमति लेना आसान रहे।
अगर आप नई टीम के साथ हैं तो कम शब्दों में अपेक्षाएँ लिखकर बाँटें — समय, ड्रेस कोड, ब्रेक टाइम और इमरजेंसी नंबर। छोटे नियम शूटिंग को तेज़ और शांत रखते हैं। इस टैग पेज पर आप सेट से जुड़ी खबरें, टिप्स और हाल की फिल्मों की कवरेज पढ़ते रहिए। नए पोस्ट देखने के लिए नीचे दिए गए लेखों पर जाएँ।
यश ने अपनी नई फिल्म 'Toxic' की शूटिंग बेंगलुरु से मुंबई शिफ्ट कर दी ताकि प्रेग्नेंट कियारा आडवाणी के लिए सुरक्षित और आरामदायक माहौल मिल सके। यह बदलाव प्रोडक्शन टीम के लिए भी सुविधाजनक साबित हुआ। फिल्म 19 मार्च 2026 को रिलीज होगी।