क्या आप बार-बार किसी रिश्ते या काम के बाद थकावट, शर्मिंदगी या आत्मविश्वास में गिरावट महसूस करते हैं? यही छोटे-छोटे संकेत अक्सर टॉक्सिक व्यवहार की शुरुआत होते हैं। टॉक्सिक का मतलब सिर्फ गुस्सा नहीं—यह लगातार आपकी भावनात्मक, मानसिक या पेशेवर सीमाओं को कमज़ोर करने वाला व्यवहार है।
पहचान आसान होने पर ही हम कदम उठा सकते हैं। कुछ आम संकेत ये हैं:
1. लगातार नेगेटिविटी: हर बात में कटु टिप्पणियाँ, छोटे करने की कोशिश या बार-बार आलोचना जो सुधार नहीं बल्कि तोड़ना चाहती है।
2. नियंत्रण और अपमान: आप क्या पहनें, किससे मिलें या क्या कहें—बार-बार नियंत्रित करने की कोशिश। साथ में अपमानजनक शब्द।
3. गैसलाइटिंग: आपकी याददाश्त या भावनाओं को नकारना—"तुम ही ओवररिएक्ट कर रहे हो"—यह आत्मविश्वास घटाता है।
4. सीमाओं का उल्लंघन: आपकी निजी बातें या टाइम का सम्मान नहीं करना। बार-बार बिना पूछे दखल देना।
5. ऊर्जा छीन लेना: आप उस इंसान से मिलने या बात करने के बाद खुद थका हुआ या निराश महसूस करते हैं।
पहला कदम पहचान है, दूसरा प्रभावी कार्रवाई। ये तरीके सीधे और काम के हैं:
सीमाएँ तय करें: साफ बोलें—"मुझे इस तरह बात पसंद नहीं।" सीमा तोड़ने पर छोटे, तय किए गए नतीजे होने चाहिए, जैसे बातचीत खत्म कर देना या दूरी लेना।
सीधे और संक्षेप में बताइए: लंबे बहाने नहीं। उदाहरण: "जब तुम मुझ पर चिल्लाते हो तो मैं बात जारी नहीं रख सकता।"
प्रमाण रखें: ऑफिस में ईमेल, मैसेज या घटना का रिकॉर्ड रखें। जरूरत पड़ी तो HR या भरोसेमंद साथी से समर्थन लें।
डिजिटल टॉक्सिक से बचाव: सोशल मीडिया पर ब्लॉक/म्यूट करें, स्क्रीनशॉट रखें और जरूरी हो तो प्लेटफॉर्म को रिपोर्ट करें।
दूरी बनाना भी विकल्प है: हर बार जुड़ना जरूरी नहीं। कभी-कभी दूरी ही सबसे सुरक्षित प्रतिक्रिया होती है।
पेशेवर मदद लें: अगर टॉक्सिक व्यवहार मानसिक स्वास्थ्य पर असर कर रहा है, तो काउंसलर या थेरपिस्ट से बात करें। घरेलू हिंसा या धमकी हो तो कानून की मदद लें।
सहयोग मांगें: दोस्तों, परिवार या सहकर्मियों से बात करें। अकेले लड़ने की कोशिश अक्सर ज्यादा थका देती है।
टॉक्सिक से निपटना आसान नहीं होता, पर छोटे, सुस्पष्ट कदम आपको जल्दी राहत दे सकते हैं। अगर आप तुरंत सलाह चाहते हैं, तो अपने हालात का संक्षेप लिखकर मदद मांगे—हम बताने में मदद करेंगे कि अगला ठोस कदम क्या हो सकता है।
यश ने अपनी नई फिल्म 'Toxic' की शूटिंग बेंगलुरु से मुंबई शिफ्ट कर दी ताकि प्रेग्नेंट कियारा आडवाणी के लिए सुरक्षित और आरामदायक माहौल मिल सके। यह बदलाव प्रोडक्शन टीम के लिए भी सुविधाजनक साबित हुआ। फिल्म 19 मार्च 2026 को रिलीज होगी।