सोना कीमत में तेज़ी: दिल्ली‑मुंबई सहित सभी बड़े शहरों में नई ऊँचाई
bhargav moparthi
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मैं भारतीय समाचारों का एक अनुभवी लेखक और विश्लेषक हूं। मैं उदयपुर में रहता हूँ और वर्तमान में एक प्रसिद्ध समाचार पत्रिका के लिए कार्यरत हूं। मेरा विशेष क्षेत्र राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे हैं। मैं समाचार विश्लेषण प्रदान करने में माहिर हूँ और मुझे नई चुनौतियों का सामना करने में आनंद आता है।

6 टिप्पणि

  1. Anant Pratap Singh Chauhan Anant Pratap Singh Chauhan
    सितंबर 23, 2025 AT 02:06 पूर्वाह्न

    भाई आज के सोने के दाम देखकर थोड़ी राहत मिली। दिल्ली‑मुंबई में कीमतें ऊपर जा रही हैं तो सावधानी से निवेश करना चाहिए। छोटे‑छोटे निवेश से धीरे‑धीरे पोर्टफोलियो बनाएं।

  2. Shailesh Jha Shailesh Jha
    सितंबर 23, 2025 AT 02:40 पूर्वाह्न

    दोस्तों सोने का बुलिश ट्रेंड अब स्पष्ट दिख रहा है और हमें पोर्टफोलियो अलोकेशन को रिइन्फोर्स करना चाहिए। हाई‑वॉल्यूम ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी अपनाकर आप रिटर्न मैक्सिमाइज़ कर सकते हैं। न्यूज़ेज़ के अनुसार फेड की दर‑कटिंग उम्मीदें और जियो‑पॉलिटिकल टेंशन दोनों ही बाय‑साइड को फ्यूल दे रहे हैं। इसलिए डिप‑ऑन‑डिप पर एंट्री लेना एक बेस्ट मोमेंट है। एग्ज़ीक्यूटिव लीडर्स भी इस दिशा में सिग्नल जारी कर रहे हैं।

  3. harsh srivastava harsh srivastava
    सितंबर 23, 2025 AT 03:46 पूर्वाह्न

    सोने की कीमतों में लगातार ऊपर की दिशा देखी जा रही है यह संकेत देता है कि निवेशकों की रुचि बढ़ी है। राष्ट्रीय औसत ने नया हाई बना लिया है जिससे बाजार में लिक्विडिटी भी बढ़ी है। बड़ी शहरों में कीमतें समान रेंज में रहने से ट्रेडिंग वैरियंस कम हुआ है। इस दौर में डिवर्सिफिकेशन एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि केवल सोने पर निर्भरता रिस्क बढ़ा सकती है। सिल्वर की कीमतों में भी तेजी देखी गई है जो एक अच्छा वैकल्पिक एसेट बन सकता है। फेड की दर‑कट की संभावनाएं बाजार को सपोर्ट करने वाली फैक्टर्स में से एक हैं। मध्य‑पूर्व में तनाव और यूरोप में NATO की एक्टिविटी सोने को सेफ‑हैवेन बनाते हैं। रुपये‑डॉलर की गिरावट भी स्थानीय निवेशकों को आकर्षित करती है। उत्सव‑सीजन में उपभोक्ता मांग में उछाल अपेक्षित है जिससे रिटेल खरीदारों की खरीदारी बढ़ेगी। एक्सपर्ट्स ने “डिप पर बाय” स्ट्रेटेजी की सलाह दी है ताकि कीमतें गिरने पर एंट्री ले सकें। साथ ही GST और कस्टम ड्यूटी जैसे अतिरिक्त खर्चों को भी ध्यान में रखना चाहिए। पोर्टफोलियो में एसेट क्लासेज़ को बैलेन्स रखना लम्बी अवधि में स्थिर रिटर्न दे सकता है। यदि आप लंबी अवधि के निवेशक हैं तो धीरज रखना और मार्केट वैल्यू को ट्रैक करना जरूरी है। छोटे निवेशकों को SIP मॉडल अपनाने से स्टैण्डर्डाइज्ड एंट्री पॉइंट मिल सकता है। अंत में, जोखिम प्रोफाइल को समझते हुए सही एसेट अलोकेशन करना ही सफलता की कुंजी है।

  4. Praveen Sharma Praveen Sharma
    सितंबर 23, 2025 AT 04:53 पूर्वाह्न

    सभी को नमस्ते सोने की बढ़ती कीमतों से थोड़ा उत्साह है। लेकिन ध्यान रखें कि बाजार में उतार‑चढ़ाव रहता है। छोटी रकम से शुरू करें और धीरे‑धीरे पोर्टफोलियो बढ़ाएं। इस तरह जोखिम कम रहेगा।

  5. deepak pal deepak pal
    सितंबर 23, 2025 AT 06:00 पूर्वाह्न

    वाह 24K सोना अब ₹11,273! 😲

  6. KRISHAN PAL YADAV KRISHAN PAL YADAV
    सितंबर 23, 2025 AT 07:06 पूर्वाह्न

    भाइयों अब टाइम है गोल्ड में एंट्री का क्योंकि मैक्रो इकोनॉमिक डेटा बुलिश सिग्नल दिखा रहा है। फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स और ऑप्शन्स की वैल्यूएशन आजकल बहुत फेवरेबल है। टेक्निकल एनालिसिस बताता है कि RSI ने ओवरबॉट लेवल को तोड़ा है और अब एंट्री पॉइंट बन सकता है। यदि आप एलिट पोर्टफोलियो बनाना चाहते हैं तो गोल्ड ETF भी एक अच्छा वैरिएंट है। साथ ही सिल्वर का लिवरेज इफ़ेक्ट भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। इस तरह के मल्टी‑एसेट स्ट्रैटेजी से रिटर्न के ऑप्शन बढ़ते हैं।

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