2015 में छोटे बजट की फिल्म "Dum Laga Ke Haisha" से डेब्यू करके भूमि पेडनेकर ने जल्दी ही ध्यान खींचा। उन्होंने फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल डेब्यू जैसे अवॉर्ड भी जीते। तब से उन्होंने कॉमर्शियल और कंटेंट-ड्रिवन दोनों तरह की फिल्में चुनीं — यानी हिट भी और चुनौतीपूर्ण भूमिकाएँ भी।
अगर आप उनसे शुरूआती फिल्मों को जानना चाहते हैं तो ये नाम याद रखें: Dum Laga Ke Haisha (2015) — डेब्यू और पहचान; Toilet: Ek Prem Katha (2017) — सामाजिक मुद्दे पर बड़ी हिट; Shubh Mangal Saavdhan (2017) — कॉमेडी-ड्रामा में मजबूत काम; Saand Ki Aankh (2019) — बायोपिक पर्पज़ के साथ चुनौतीपूर्ण रोल; Dolly Kitty Aur Woh Chamakte Sitare (2019) — शहरी महिलाओं की कहानी; Badhaai Do (2022) — समाज के नए विषय पर काम; और Bheed (2023) — समाजिक-स्पेक्ट्रम वाली फिल्म।
हर फिल्म का अपना अलग असर रहा है: कुछ ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई की, कुछ ने भूमि को क्रिटिक्स की तारीफ दिलाई। जमीन से जुड़ी कहानियों और सामाजिक मुद्दों वाली फिल्मों में उनकी रुचि साफ दिखती है।
भूमि अपने किरदार चुनने में सक्रिय रहती हैं। वे अक्सर रियलिस्टिक और ग्राउंडेड रोल चुनती हैं — यानी अपने आप में बदलाव दिखाने वाली कहानियाँ। उन्होंने पब्लिकली अपने वजन घटाने और बॉडी इमेज पर खुलकर बात की, जिससे बॉडी-पॉज़िटी की चर्चा भी बढ़ी।
फैन्स और मीडिया उन्हें ईमानदार, सरल और मेहनती कलाकार के रूप में देखते हैं। वह इंटरव्यू में खुलकर बताती हैं कि स्क्रिप्ट और किरदार दोनों पर ध्यान देती हैं — सिर्फ स्टारडम पर नहीं।
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अजय बहल द्वारा निर्देशित और भूषण कुमार के टी-सीरीज़ द्वारा निर्मित फिल्म ‘द लेडी किलर’ भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फ्लॉप बन गई। ₹45 करोड़ के बजट के बावजूद इस फिल्म ने केवल ₹60,000 कमाए, जिससे 99.99% निवेश का नुकसान हुआ। इसकी विफलता के कई कारण थे, जैसे अधुरा समापन, निर्देशन के बदलाव और पर्याप्त प्रचार की कमी।