शपथ ग्रहण किसी भी नई सरकार या मंत्री की शुरुआत का पहला और सबसे सार्वजनिक पन्ना होता है। अगर आप जानना चाहते हैं कि शपथ के दौरान क्या-क्या होता है, लाइव कैसे देखें, या समारोह में शामिल होने से पहले क्या तैयारियाँ करनी चाहिए — यह पेज आपके लिए है। हम सरल भाषा में बताएंगे ताकि आप मौके पर समझकर तेज़ निर्णय ले सकें।
शपथ ग्रहण का मतलब है कि चुने या नियुक्त किए गए नेता संविधान के सामने अपना वचन देते हैं। यह वचन कानून का पालन करने, निष्ठा बनाए रखने और जनता की सेवा करने का नारा है। शपथ लेने वाला व्यक्ति आधिकारिक तौर पर अपनी जिम्मेदारी ग्रहण कर लेता है — तभी उसका पद वैध रूप से सक्रिय माना जाता है।
समारोह में आम तौर पर कोई उच्च पदाधिकारी (जैसे राष्ट्रपति या राज्यपाल) समारोह का नेतृत्व करते हैं, शपथ पढ़ते हैं और नए पदाधिकारियों से शपथ ग्रहण कराते हैं। इसके बाद आमतौर पर पोर्टफोलियो की घोषणा, फोटो-ऑप और मीडिया बयान होते हैं।
यदि आप शपथ ग्रहण टीवी या ऑनलाइन देख रहे हैं: आधिकारिक चैनल, सरकारी वेबसाइट या सोशल मीडिया लाइव सबसे भरोसेमंद स्रोत होते हैं। टीवी ब्रॉडकास्ट शुरू होने से पहले स्थानिक रिपोर्ट और एंकर के नोट्स दिखते हैं — इससे आपको कार्यक्रम की रूपरेखा मिल जाएगी।
अगर आप现场 शामिल हो रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें: आगे-पीछे ट्रैफिक और सिक्योरिटी चेक होंगे, इसलिए समय पर पहुँचना जरूरी है। पहचान-पत्र साथ रखें, मोबाइल की धन्य-धारिता (battery) सुनिश्चित करें, और सुरक्षा कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें। समारोह के प्रोटोकॉल का सम्मान रखें — शांति और अनुशासन बनाए रखें, और भीड़ में धक्का-मुक्की से बचें।
फोटोग्राफी और रिकॉर्डिंग की पाबंदी हो सकती है या विशेष क्षेत्रों तक ही सीमित हो सकती है — आयोजक के नियम पहले से पढ़ लें। यदि आप पत्रकार हैं तो प्रेस पास और मीडिया बूथ की जानकारी पहले हासिल कर लें।
दैनिक दीया पर शपथ ग्रहण टैग पर आप ताजा खबरें, तस्वीरें और विश्लेषण पाएंगे। हम लाइव कवरेज के साथ समारोह के अहम मोमेंट, प्रमुख बयानों और संबंधित राजनीतिक प्रभावों पर भी रिपोर्ट करते हैं। शपथ से जुड़ी आधिकारिक घोषणाएँ और बाद की पोर्टफोलियो सूचनाएँ भी यहीं अपडेट होती हैं।
अगर आप किसी विशेष शपथ ग्रहण का तुरंत अपडेट चाहते हैं तो इस टैग को फॉलो करें और नोटिफिकेशन ऑन रखें। सवाल हैं? कमेंट में पूछिए — हम सीधे और सटीक जवाब देंगे।
18वें लोकसभा के पहले सत्र में नए सांसद शपथ लेंगे। विपक्ष एनडीए सरकार पर NEET-NET पेपर लीक विवाद को लेकर दबाव बनाएगा। प्रोटेम स्पीकर के रूप में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सांसद भर्तृहरि महताब की नियुक्ति ने विवाद खड़ा किया है।