क्या आप हरी-भरी पहाड़ियों, चाय के बागानों और शांत झीलों की तलाश में हैं? वायनाड (Wayanad) केरल का ऐसा इलाका है जहां नेचर और एडवेंचर साथ मिलते हैं। ये गाइड सीधे और काम की जानकारी देगा — कहाँ जाएँ, कैसे पहुंचें, क्या न करे और छोटे-छोटे टिप्स जो आपके ट्रिप को आसान बनाएँगे।
एडक्कल गुफाएँ (Edakkal Caves): पाषाण काल के शिलालेख देखने को मिलते हैं। चढ़ाई मध्यम है, पर अंकित चित्र और नजारा वक़्त का हिसाब मांगते हैं।
चेम्ब्रा पीक (Chembra Peak): अगर ट्रेक पसंद है तो यह शीर्ष जगह है। हार्ट-shaped लेक के पास फोटो लेना मिस मत करिए। ट्रेक के लिए छोटी फीस और रजिस्ट्रेशन चाहिए हो सकती है।
बनासुरा सागर डैम (Banasura Sagar Dam): बोट राइड और छोटे द्वीपों पर घूमना मजेदार रहता है। बच्चों के साथ भी आराम से जा सकते हैं।
मीन्मुट्टी जलप्रपात (Meenmutty Falls) और सोमनाथप्पा झरने: Monsoon में ये सबसे बढ़िया दिखते हैं, पर रास्ता फिसलन भरा हो सकता है — सावधानी रखें।
थौलपेट्टी वाइल्डलाइफ सेंचुरी (Tholpetty Wildlife Sanctuary): सुबह की सफ़ारी में हाथी, हिरण और कई पक्षी दिख सकते हैं। कैमरा साथ रखें लेकिन दूरी बनाए रखें।
कैसे पहुँचें: निकटतम एयरपोर्ट कोझिकोड (Calicut) लगभग 2.5-3 घंटे की ड्राइव पर है। कन्नूर एयरपोर्ट कुछ हिस्सों के लिए करीब है। बैंगलोर से सड़क मार्ग से 6-7 घंटे लगते हैं। निकटतम रेल स्टेशन कोझिकोड और नीलाम्बुर हैं।
रहने की जगहें: वायनाड में होमस्टे, बजट होटल और रिसॉर्ट्स मिलते हैं। वायनाड के Vythiri, Kalpetta और Sultan Bathery इलाकों में विकल्प अच्छे मिल जाते हैं। लोकल होमस्टे का अनुभव चाय-कोलाहल और घर का खाना दोनों देता है।
बेस्ट टाइम: अक्टूबर से मई तक मौसम सूखा और ठंडा रहता है — ट्रेक और बाहर घूमने के लिए यह समय बेहतर है। मॉनसून (जून-सितंबर) में जगह बेहद हरी और खूबसूरत दिखती है, पर भारी बारिश यात्रा मुश्किल कर सकती है।
जरूरी टिप्स: हल्के वॉटरप्रूफ जैकेट और मजबूत जूते साथ रखें। ट्रेकिंग पर जाते समय पर्याप्त पानी और स्नैक्स साथ रखें। मोबाइल नेटवर्क हर जगह नहीं मिलता — ऑफलाइन मैप और दिशा-सूचना रखें। लोकल लोगों से मार्ग पूछना सहायक रहता है।
क्या आप फूड ट्राय करना चाहेंगे? वायनाड केन्यन-स्टाइल केरल खाने, मसालेदार करी और लोकल चाय जरूर चखें। अगर थोड़ा शांत और धीमा ट्रिप चाहते हैं तो होमस्टे चुनें — लोकल जानकारी और घर जैसा खाना मिलेगा।
वायनाड छोटा नहीं, पर अनुभव बड़ा देता है। समय सही चुनिए, कुछ दिन धीमे रहिए और यहाँ की हरियाली, पानी और शांत शामों का आनंद उठाइए।
केरल के वायनाड में हाल के भूस्खलनों में मृतकों की संख्या 100 के पार हो गई है, और कई अभी भी लापता हैं। जलवायु वैज्ञानिक डॉ. एस. सजानी ने बताया कि यह आपदा अरब सागर के गरमाने से हुई है। उन्होंने चेताया कि अगर सही कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और बिगड़ सकती है।