इस पेज पर आपको बलात्कार मामलों से जुड़ी ताज़ा खबरें, केस अपडेट और पीड़ितों के लिए उपयोगी जानकारी मिलेगी। अगर आप किसी खबर को समझना चाहते हैं या किसी घटना के बाद क्या करना चाहिए यह जानना चाहते हैं — यहाँ सरल और व्यावहारिक जानकारी दी गई है।
अगर आप या आपका कोई परिचित हाल ही में ऐसे किसी हादसे का सामना कर रहा है, तो कुछ कदम तुरंत मददगार रहते हैं। सबसे पहले अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें — सुरक्षित जगह पर जाएँ और अगर खतरा हो तो 112 पर कॉल करें।
सबूत बचाएँ: शरीर पर चोट या कपड़ों पर खून जैसी चीजें धोएँ या बदलें नहीं। संभव हो तो घटना के समय, जगह और मौजूद लोगों का विवरण नोट कर लें। फोन के संदेश और कॉल रेकॉर्ड सुरक्षित रखें।
चिकित्सकीय मदद लें: नज़दीकी अस्पताल में चिकित्सीय जाँच कराएं। मेडिकल जांच न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि कानूनी सबूत (Forensic evidence) भी देती है। देर न करें — जितनी जल्दी मेडिकल जांच होगी, उतना अच्छा।
एफआईआर दर्ज कराएं: घटना की रिपोर्ट नज़दीकी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराएं। आप साइबर या महिला थाने में भी मदद मांग सकते हैं। शिकायत दर्ज करते समय कानूनी मदद लेने के लिए किसी भरोसेमंद वकील या महिला आयोग से संपर्क करें।
कानूनी धाराएँ और प्रक्रिया: वयस्कों के मामलों में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराएँ लागू होती हैं। बच्चों के साथ होने वाले अपराधों में POCSO (द बालों का संरक्षण) एक्ट की अलग प्रक्रिया होती है। कोर्ट में मामला चलने तक आपके अधिकार और गोपनीयता का ध्यान रखा जाना चाहिए।
मुफ्त कानूनी सहायता और मनोवैज्ञानिक सहारा कई गैर-सरकारी संस्थाओं और सरकारी योजना से मिलता है। स्थानीय महिला आयोग, डिस्ट्रिक्ट कानूनी सर्विस अथॉरिटी और भरोसेमंद NGOs से संपर्क करने पर मदद मिल सकती है।
हेल्पलाइन नंबर जो काम आ सकते हैं: आपातकाल के लिए 112, बच्चों के लिए 1098, और राज्य स्तर पर महिला हेल्पलाइन उपलब्ध होती है (अपने राज्य का नंबर स्थानीय प्रशासन से देखें)।
मीडिया और सोशल नेटवर्क पर सावधानी: खबरों को पढ़ते/शेयर करते समय पीड़िता की पहचान न फैलाएँ। अफवाहों और अनवेरिफ़ाइड जानकारी पर भरोसा न करें। अगर आप किसी रिपोर्ट से जुड़ा अपडेट पढ़ रहे हैं तो स्रोत की पुष्टि करें और संवेदनशील मामला होने पर सम्मानजनक भाषा रखें।
यह टैग उन सभी लेखों को साझा करता है जिनमें केस अपडेट, कोर्ट फैसले, सुरक्षा उपाय और पीड़ितों के अधिकारों पर जानकारी मिलती है। अगर आप किसी खबर के बारे में सवाल पूछना चाहते हैं या मदद चाहिए तो स्थानीय अधिकारी या विश्वसनीय सपोर्ट सर्विस से तुरंत संपर्क करें।
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सुप्रीम कोर्ट ने मलयालम फिल्म अभिनेता सिद्दीक की गिरफ्तारी पूर्व जमानत दो सप्ताह के लिए बढ़ा दी और शिकायत दर्ज करने में देरी पर सवाल उठाए। यह मामला अगस्त 19 को दर्ज हुआ था, जब एक अभिनेत्री ने उन पर 2016 में एक होटल में बलात्कार करने और एक थियेटर में यौन उत्पीड़न की कोशिश का आरोप लगाया।